एक के बाद एक 3 पश्चिमी विक्षोभ, भारी बारिश का अलर्ट ; किसान भाईयों 16 जनवरी के ताजा अपडेट में स्कायमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत जी ने मौसम में होने वाले एक बड़े और भारी बदलाव की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब उत्तर भारत में चल रही बर्फीली हवाएं रुकने वाली हैं, जिससे कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, असली बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के रूप में आने वाला है, जो एक के बाद एक पहाड़ों पर दस्तक देंगे।
मुख्य खबर यह है कि 16 से 25 जनवरी के बीच कुल तीन पश्चिमी विक्षोभ आएंगे। पहला 16-17 जनवरी को, दूसरा 19-21 जनवरी को और सबसे शक्तिशाली तीसरा विक्षोभ 23-25 जनवरी के दौरान सक्रिय होगा। इसके कारण पहाड़ों पर इतनी भारी बर्फबारी हो सकती है कि राजमार्ग और रास्ते पूरी तरह ब्लॉक हो सकते हैं। मैदानी इलाकों की बात करें तो 18-19 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है।
किसानों, 23 से 25 जनवरी के बीच मौसम का सबसे खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है। इस दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ-साथ राजस्थान (गंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर) और गुजरात के कच्छ इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी। पंजाब के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। अच्छी बात यह है कि बादलों के आने से न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ जाएगा, जिससे पाले से राहत मिलेगी और सुबह की कड़ाके की सर्दी कम होगी।
दोस्तों, मध्य और पूर्वी भारत की बात करें तो उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाकों, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम साफ रहेगा और धूप खिलने से तापमान बढ़ेगा। महाराष्ट्र में भी अगले दो-तीन दिनों में दक्षिणी हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होगी, जिससे सर्दी का असर कम होगा। दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां अब लगभग समाप्त हो चुकी हैं और वहां भी मौसम शुष्क बना रहेगा। आने वाले भारी वर्षा के दौर को देखते हुए किसान भाई अपनी फसलों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें।